IPC 484 in BNS: BNS 347(2) - Counterfeiting a mark used by a public servant

IPC की धारा 484 अब BNS की धारा 347(2) है। / IPC Section 484 is now BNS Section 347(2).

IPC 484 बनाम BNS 347(2): मुख्य जानकारी

पुरानी धारा / Old sectionIPC 484
नई धारा / New sectionBNS 347(2)
नाम / NameCounterfeiting a mark used by a public servant.
संज्ञेयता / Cognizabilityअसंज्ञेय / Non-cognizable
जमानत / Bailजमानतीय / Bailable
शमनीयता / Compoundingअशमनीय / Non-compoundable
विचारण न्यायालय / Triable byप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट / Magistrate First Class

नई संहिता में क्या बदला / What changed

IPC Section is included as a sub-section in BNS sans heading.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

IPC 484 का BNS में कौन सा सेक्शन है?
IPC की धारा 484 अब BNS की धारा 347(2) है।

क्या BNS 347(2) जमानतीय है?
हाँ, जमानतीय है।

क्या BNS 347(2) संज्ञेय अपराध है?
नहीं, असंज्ञेय है।

संबंधित धाराएँ / Related

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स्रोत: भारतीय न्याय संहिता 2023 का पाठ, BNSS 2023 की प्रथम अनुसूची और धारा 359 (India Code), तथा BNS-IPC तुलनात्मक सारणी (CAPT Bhopal / BPRD)। शैक्षणिक संदर्भ हेतु, कानूनी सलाह नहीं; न्यायालयीन कार्य से पहले आधिकारिक पाठ से मिलान करें।

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