IPC 482 in BNS: BNS 345(3) - Punishment for using a false property mark

IPC की धारा 482 अब BNS की धारा 345(3) है। / IPC Section 482 is now BNS Section 345(3).

IPC 482 बनाम BNS 345(3): मुख्य जानकारी

पुरानी धारा / Old sectionIPC 482
नई धारा / New sectionBNS 345(3)
नाम / NamePunishment for using a false property mark.
दंड / Punishment (BNS text)Imprisonment for 1 year, or fine, or
संज्ञेयता / Cognizabilityअसंज्ञेय / Non-cognizable
जमानत / Bailजमानतीय / Bailable
शमनीयता / Compoundingशमनीय (बिना अनुमति) / Compoundable
विचारण न्यायालय / Triable byकोई भी मजिस्ट्रेट / Any Magistrate

नई संहिता में क्या बदला / What changed

Ditto.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

IPC 482 का BNS में कौन सा सेक्शन है?
IPC की धारा 482 अब BNS की धारा 345(3) है।

क्या BNS 345(3) जमानतीय है?
हाँ, जमानतीय है।

क्या BNS 345(3) संज्ञेय अपराध है?
नहीं, असंज्ञेय है।

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स्रोत: भारतीय न्याय संहिता 2023 का पाठ, BNSS 2023 की प्रथम अनुसूची और धारा 359 (India Code), तथा BNS-IPC तुलनात्मक सारणी (CAPT Bhopal / BPRD)। शैक्षणिक संदर्भ हेतु, कानूनी सलाह नहीं; न्यायालयीन कार्य से पहले आधिकारिक पाठ से मिलान करें।

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