Types of Criminal Cases

आपराधिक मामलों के प्रकार (Types of Criminal Cases):-

स्वभाव, गंभीरता, और प्रभाव के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किए जा सकते हैं। भारत में, भारतीय दंड संहिता, 1860 (IPC) और दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (CrPC) के तहत मुख्य रूप से निम्न प्रकार के आपराधिक मामलों की पहचान की जाती है:

1. संज्ञेय अपराध (Cognizable Offenses)

  • परिभाषा: वे अपराध जिनमें पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के तुरंत कार्रवाई कर सकती है, जैसे गिरफ्तारी करना या जांच करना।\n - उदाहरण: हत्या, डकैती, बलात्कार, दंगा।
  • संबंधित प्रावधान:
    • धारा 2(c), CrPC: संज्ञेय अपराध की परिभाषा।
    • धारा 154, CrPC: FIR दर्ज करने की प्रक्रिया।

2. असंज्ञेय अपराध (Non-Cognizable Offenses)

  • परिभाषा: वे अपराध जिनमें पुलिस को मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना कार्रवाई करने की अनुमति नहीं होती।
  • उदाहरण: मानहानि, धमकी देना, झूठी सूचना देना।
  • संबंधित प्रावधान:
    • धारा 2(l), CrPC: असंज्ञेय अपराध की परिभाषा।
    • धारा 155, CrPC: असंज्ञेय अपराध की जांच।

3. जघन्य अपराध (Heinous Crimes)

  • परिभाषा: अत्यंत गंभीर और क्रूर अपराध।
  • उदाहरण: हत्या, सामूहिक बलात्कार, आतंकवाद।
  • विशेष कानून:
    • पॉक्सो अधिनियम, 2012: बच्चों के खिलाफ यौन अपराध।
    • यूएपीए, 1967: आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित।

4. अर्थव्यवस्था से जुड़े अपराध (Economic Offenses)

  • परिभाषा: वित्तीय धोखाधड़ी या आर्थिक हानि से संबंधित अपराध।
  • उदाहरण: मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी, कर चोरी।
  • विशेष कानून:
    • धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA)।
    • कंपनी अधिनियम, 2013।

5. संपत्ति के खिलाफ अपराध (Offenses Against Property)

  • परिभाषा: संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या अवैध रूप से कब्जा करने से संबंधित अपराध।
  • उदाहरण: चोरी, डकैती, तोड़-फोड़।
  • IPC संबंधित प्रावधान:
    • धारा 378-382: चोरी।
    • धारा 390-402: डकैती।

6. व्यक्तिगत जीवन और स्वतंत्रता के खिलाफ अपराध (Offenses Against Person)

  • परिभाषा: व्यक्ति के जीवन, शारीरिक सुरक्षा, या स्वतंत्रता पर हमले।
  • उदाहरण: हत्या, गंभीर चोट, अपहरण।
  • IPC संबंधित प्रावधान:
    • धारा 299-304: हत्या और हत्या का प्रयास।
    • धारा 319-326: चोट।
    • धारा 359-374: अपहरण।

7. मानहानि और अपमानजनक अपराध (Offenses Against Reputation)

  • परिभाषा: व्यक्ति की छवि या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले अपराध।
  • उदाहरण: मानहानि, झूठे आरोप।
  • IPC संबंधित प्रावधान:
    • धारा 499-500: मानहानि।

8. महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध (Offenses Against Women and Children)

  • उदाहरण:
    • महिलाओं के खिलाफ: घरेलू हिंसा, दहेज हत्या, यौन उत्पीड़न।
    • बच्चों के खिलाफ: यौन उत्पीड़न, बाल श्रम।
  • विशेष कानून:
    • घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005।
    • पॉक्सो अधिनियम, 2012।
    • बाल श्रम निषेध अधिनियम, 1986।

9. साइबर अपराध (Cyber Crimes)

  • परिभाषा: इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए गए अपराध।
  • उदाहरण: हैकिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग।
  • विशेष कानून:
    • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000।
    • IPC की धारा 463-469: जालसाजी।

10. सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ अपराध (Offenses Against Public Order)

  • परिभाषा: समाज की शांति और व्यवस्था को भंग करने वाले अपराध।
  • उदाहरण: दंगा, गैरकानूनी जमाव, उपद्रव।
  • IPC संबंधित प्रावधान:
    • धारा 141-160: दंगे और अशांति।

11. राजद्रोह और देशद्रोह (Offenses Against the State)

  • उदाहरण:
    • राजद्रोह (Sedition): IPC धारा 124A।
    • आतंकवाद: UAPA अधिनियम।
    • युद्ध छेड़ने का प्रयास: IPC धारा 121।

12. मोटर वाहन अपराध (Motor Vehicle Offenses)

  • उदाहरण: तेज गति, शराब पीकर गाड़ी चलाना, सड़क पर लापरवाही।
  • विशेष कानून:
    • मोटर वाहन अधिनियम, 1988।

13. विशेष कानूनों के तहत अपराध (Special Law Offenses)

  • उदाहरण:
    • NDPS अधिनियम के तहत मादक पदार्थों से संबंधित अपराध।
    • SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जातिगत भेदभाव।

निष्कर्ष:

आपराधिक मामलों को उनकी प्रकृति और प्रभाव के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। यह वर्गीकरण न्यायिक प्रणाली को अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने में मदद करता है। छात्रों को हर श्रेणी के प्रमुख प्रावधान और संबंधित निर्णयों का गहराई से अध्ययन करना चाहिए।



Previous Post Next Post