IPC की धारा 467 अब BNS की धारा 338 है। / IPC Section 467 is now BNS Section 338.
IPC 467 बनाम BNS 338: मुख्य जानकारी
| पुरानी धारा / Old section | IPC 467 |
|---|---|
| नई धारा / New section | BNS 338 |
| नाम / Name | Forgery of valuable security, will, etc. |
| दंड / Punishment (BNS text) | Imprisonment for life,i or imprisonment for 10 years and fine. |
| संज्ञेयता / Cognizability | असंज्ञेय / Non-cognizable |
| जमानत / Bail | अजमानतीय / Non-bailable |
| शमनीयता / Compounding | अशमनीय / Non-compoundable |
| विचारण न्यायालय / Triable by | प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट / Magistrate First Class |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
IPC 467 का BNS में कौन सा सेक्शन है?
IPC की धारा 467 अब BNS की धारा 338 है।
क्या BNS 338 जमानतीय है?
नहीं, अजमानतीय है।
क्या BNS 338 संज्ञेय अपराध है?
नहीं, असंज्ञेय है।
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स्रोत: भारतीय न्याय संहिता 2023 का पाठ, BNSS 2023 की प्रथम अनुसूची और धारा 359 (India Code), तथा BNS-IPC तुलनात्मक सारणी (CAPT Bhopal / BPRD)। शैक्षणिक संदर्भ हेतु, कानूनी सलाह नहीं; न्यायालयीन कार्य से पहले आधिकारिक पाठ से मिलान करें।