IPC 338 in BNS: BNS 125(b) - Where grievous hurt is caused

IPC की धारा 338 अब BNS की धारा 125(b) है। / IPC Section 338 is now BNS Section 125(b).

IPC 338 बनाम BNS 125(b): मुख्य जानकारी

पुरानी धारा / Old sectionIPC 338
नई धारा / New sectionBNS 125(b)
नाम / NameWhere grievous hurt is caused.
संज्ञेयता / Cognizabilityसंज्ञेय / Cognizable
जमानत / Bailजमानतीय / Bailable
शमनीयता / Compoundingन्यायालय की अनुमति से शमनीय / Compoundable with court permission
विचारण न्यायालय / Triable byकोई भी मजिस्ट्रेट / Any Magistrate

नई संहिता में क्या बदला / What changed

Imprisonment is increased from two years to three years and fine is increased from one thousand to ten thousand rupees.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

IPC 338 का BNS में कौन सा सेक्शन है?
IPC की धारा 338 अब BNS की धारा 125(b) है।

क्या BNS 125(b) जमानतीय है?
हाँ, जमानतीय है।

क्या BNS 125(b) संज्ञेय अपराध है?
हाँ, संज्ञेय है।

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स्रोत: भारतीय न्याय संहिता 2023 का पाठ, BNSS 2023 की प्रथम अनुसूची और धारा 359 (India Code), तथा BNS-IPC तुलनात्मक सारणी (CAPT Bhopal / BPRD)। शैक्षणिक संदर्भ हेतु, कानूनी सलाह नहीं; न्यायालयीन कार्य से पहले आधिकारिक पाठ से मिलान करें।

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